Saturday, February 13, 2010



बादलों ने ना समझा बताना मुनासीब,
बरसे बग़ैर ही चल दिए |
ज़मीन उनके हाल-ए-दिल से नावाकीफ,
रीश्ते को दफ़न ही कर दिए |

अब कब्र पर सिर टिक के रोता है,
ज़िंदा को दफ़ना के ईमान,
और आसमान पे टिकाए बैठी है,
बंजर उम्मीद, दो अखियाँ |

--
एक दफ़ा इशारा तो कर देते,
हम एक और साल इंतेज़ार कर लेते |


--hp.

Friday, February 12, 2010

Road

Tiny gravel rolled over,
Continuously trodden over by feet and wheels.
Fossilizing human blood, sweat and bounce imprint,
Catalyzing human advancement.

- hp.

Sunday, February 07, 2010

नैनन का जाने असुअन का स्वाद,
उह तो बहा के सो लिए
लब ही तो चखत है नमकीन नदियाँ,
और फिर भी बेवजह मुस्कुरा लिए

-hp.
Translation:
What do eyes know of the taste of tears?
They sleep after setting them aflow.
It is lips that taste this salty river,
And still smile in vain.
(c) hp.